कोलकाता । साल्टलेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में मेसी के प्रशंसकों के द्वारा भड़क कर हंगामा से लेकर तोड़फोड़ व आगजनी की कोशिश की घटना को लेकर दुनिया भर की मीडिया में व्यवस्था की छीछालेदर हो रही है। वहीं इस देश में खासकर बंगाल में उक्त घटना के बाद बड़े घोटाले की तमाम लोगों को बू आ रही है। बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट ने स्वंय संज्ञान के तहत घटना को लेकर मामला दर्ज किया है। उक्त घटना के बाद मेसी के कार्यक्रम के आयोजक शताद्रु दत्ता को गिरफ्तार किया गया था। आज उसे सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया जहां उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा दिया है। साउथ बिधाननगर पुलिस थाने में केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। शनिवार की अफरा-तफरी के सिलसिले में कम से कम 10 धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की आठ धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा, पुलिस ने एमपीओ एक्ट और पीडीपीपी एक्ट की एक-एक धारा के तहत केस दर्ज किया है। बीएनएस की धाराओं 192, 324 (4) (5), 326 (5), 132, 121 (1), 121 (2), 45 और 46 के तहत केस दर्ज किया गया है। यानी, बिधाननगर पुलिस ने हिंसा भड़काने, मारपीट, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी काम में रुकावट डालने, सरकारी कर्मचारियों को परेशान करने के आरोप में केस दर्ज किया है। इसके अलावा, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का भी केस दर्ज किया गया है। वैसे उक्त घटना के एक दिन बाद आज के आगमन को लेकर शनिवार को हुई भारी अव्यवस्था के बाद आज सुबह सेवानिवृत्त न्यायाधीश असीम कुमार रॉय के नेतृत्व में गठित जांच समिति ने स्टेडियम का निरीक्षण किया। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस भी स्थल पर पहुंचे। राज्य की सीएम ममता बनर्जी ने आयोजकों पर निशाना साधते हुए उन्होंने एक जांच समिति का गठन किया है, जिसके प्रमुख सेवानिवृत्त न्यायाधीश असीम कुमार रॉय हैं। आज सुबह जांच समिति युवाभारती पहुंची। इस समिति में मुख्य सचिव मनोज पंत, गृह सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, खेल सचिव राजेश सिन्हा आदि शामिल थे। इसके अलावा बिधाननगर के पुलिस कमिश्नर मुकेश और डिप्टी पुलिस कमिश्नर अनिल सरकार भी मौजूद थे। जांच समिति के प्रतिनिधियों और बिधाननगर पुलिस ने युवाभारती का निरीक्षण किया। जांच समिति की ओर से युवाभारती की स्थिति को वीडियो में रिकॉर्ड किया गया। बाद में राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस भी युवभारती का निरीक्षण करने पहुंचे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश असीम कुमार रॉय के नेतृत्व वाली जांच समिति ने बताया कि आगामी 2 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश की जाएगी। वे पूरे मामले को गंभीरता से संभाल रहे हैं। रविवार सुबह ही युवाभारती में उनका आगमन उसी तत्परता का प्रमाण माना जा रहा है। ज्ञात हो कि, शनिवार को राज्यपाल युवा भारती में प्रवेश नहीं कर सके थे। हालांकि, आज उन्होंने काफी देर तक स्टेडियम का निरीक्षण किया। शनिवार को राज्यपाल ने कहा था कि इस अवांछनीय घटना के लिए एक तरफ जहां आयोजक जिम्मेदार हैं, वहीं पुलिस प्रशासन की विफलता भी जिम्मेदार है। राज्यपाल का दावा है कि उन्होंने पहले से ही राज्य प्रशासन को भीड़ के बारे में सतर्क किया था। लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने युवा भारती के कार्यक्रम को सुचारू रूप से कराने की कोई व्यवस्था नहीं की। जांच समिति की रिपोर्ट से इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। ज्ञात रहे कि, शनिवार को युवाभारती मानो युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया था। हजारों रुपये का टिकट खरीदने के बाद भी अर्जेंटीना के विख्यात फुटबॉल मेसी को देख नहीं पाए दर्शक। इस आरोप में दर्शकों ने युवा भारती में तोड़फोड़ की। लियोनल मेसी के प्रशंसकों ने आरोप लगाते हुए बताया कि खेल मंत्री अरुप विश्वास सहित तमाम नेता और ममता सरकार के लोग मेसी को इस कदर घेर कर रखा की उन्हें मेसी की एक झलक तक नहीं मिली। मेसी भी स्टेडियम छोड़कर चले गए। मेसी के नाममात्र दर्शन के बाद न केवल तोड़फोड़ हुई, बल्कि मुख्य आयोजकों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप लगे।
मेसी के कार्यक्रम में हंगामे की जांच शुरु, राज्यपाल भी पहुंचे स्टेडियम

By Aryavartkranti Bureau
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