नई दिल्ली, एजेंसी। अगर आप क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करते हैं या भविष्य में अकाउंट खोलने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। डिजिटल एसेट्स के तेजी से बढ़ते प्रभाव के साथ निवेशकों की संख्या बढ़ी है, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकी फंडिंग और अवैध लेनदेन जैसी गतिविधियों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने क्रिप्टो एक्सचेंजों पर नई सुरक्षा और पहचान संबंधी नियम लागू किए हैं।
क्रिप्टो अकाउंट खोलना अब आसान नहीं
वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाली फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट ने क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए एंटी मनी लॉन्ड्रिंग और केवाईसी दिशानिर्देश जारी किए हैं। 8 जनवरी को जारी इन नियमों के तहत अब केवल डॉक्यूमेंट अपलोड करना पर्याप्त नहीं होगा। यूजर्स को अकाउंट खोलने के लिए कई अतिरिक्त सत्यापन स्टेप्स पूरे करने होंगे।
लाइव सेल्फी और जियो-टैगिंग अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार, अकाउंट बनाते समय यूजर को लाइव सेल्फी देनी होगी। इसमें सिर हिलाने या आंख झपकाने जैसे इशारों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि व्यक्ति असली है, न कि किसी फोटो या डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही जियो-टैगिंग भी जरूरी होगी, जिसमें यूजर की लोकेशन, तारीख, समय और आईपी एड्रेस रिकॉर्ड किया जाएगा। इसका उद्देश्य फर्जी पहचान और संदिग्ध गतिविधियों को रोकना है।
पहचान और बैंक वेरिफिकेशन मजबूत
अब अकाउंट खोलने के लिए पैन कार्ड के अलावा पासपोर्ट, आधार या वोटर आईडी में से किसी एक पहचान पत्र की जरूरत होगी। इसके अलावा ई-मेल और मोबाइल नंबर का ह्रञ्जक्क वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। पेनी-ड्रॉप प्रक्रिया भी लागू की गई है, जिसके तहत बैंक खाते की पुष्टि के लिए एक रुपये का ट्रांजैक्शन किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि डिजिटल एसेट्स का गलत इस्तेमाल करके मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। नए नियमों का मकसद क्रिप्टो इकोसिस्टम को सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है।

