नई दिल्ली। अंतरिक्ष की दुनिया में दिलचस्पी रखने वालों के लिए इस साल अगस्त का महीना बेहद रोमांचक होने वाला है। आसमान में एक ऐसी खगोलीय घटना घटने जा रही है, जिसका इंतजार दुनिया भर के वैज्ञानिक और खगोल प्रेमी बेसब्री से कर रहे हैं। 12 अगस्त को सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा कुछ इस तरह आएगा कि तेज धूप वाले दिन में ही अचानक रात जैसा घना अंधेरा छा जाएगा। सबसे खास बात यह है कि दुनिया के कुछ हिस्सों में प्रकृति का यह दुर्लभ और अद्भुत नजारा पूरे एक सदी यानी 100 साल बाद देखने को मिलेगा।
स्पेन में एक सदी बाद दिखेगा यह दुर्लभ नजारा
इस पूर्ण सूर्य ग्रहण को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह स्पेन में देखा जा रहा है। यहां के उत्तरी हिस्सों में लगभग एक सदी के लंबे इंतजार के बाद पूर्ण सूर्य ग्रहण का विहंगम दृश्य देखने को मिलेगा। यही कारण है कि दुनिया भर से खगोल विज्ञान के शौकीन और हजारों की संख्या में पर्यटक इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए वहां पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक लेगा, तब कुछ मिनटों के लिए दिन में रात जैसा अहसास होगा और सूर्य का बाहरी हिस्सा यानी ‘कोरोनाÓ अपनी पूरी चमक के साथ साफ नजर आएगा।
इन देशों में आसमान में दिखेगा अद्भुत दृश्य
स्पेन के अलावा यह पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, रूस के कुछ चुनिंदा हिस्सों और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र में भी पूरी तरह से दिखाई देगा। वहीं, यूरोप और उत्तर अफ्रीका के कई देशों में लोगों को आंशिक सूर्य ग्रहण देखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा अल्जीरिया और मोरक्को जैसे देशों में भी सूर्य का एक बहुत बड़ा हिस्सा चंद्रमा की छाया से ढका हुआ नजर आएगा, जो अपने आप में एक बेहद खूबसूरत खगोलीय दृश्य होगा।
वैज्ञानिकों के लिए क्यों है यह इतना महत्वपूर्ण?
आम लोगों के रोमांच के साथ-साथ वैज्ञानिक जगत के लिए भी यह घटना किसी उत्सव से कम नहीं है। ग्रहण के दौरान दिन में अचानक छाने वाले अंधेरे का पृथ्वी के वातावरण और तापमान पर क्या असर पड़ता है, इसका गहराई से अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा सूर्य के कोरोना की संरचना को लेकर भी कई नई जानकारियां जुटाने की कोशिश की जाएगी। इस खगोलीय घटना के हर एक पल को अपने उपकरणों में कैद करने के लिए दुनिया भर की कई बड़ी अंतरिक्ष और वैज्ञानिक संस्थाओं ने अपनी विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
क्या भारत में भी देखने को मिलेगा यह सूर्य ग्रहण?
भारत के लोगों के मन में भी इस विशाल खगोलीय घटना को लेकर काफी उत्सुकता है। हालांकि, भारतीय समय और भौगोलिक स्थिति के अनुसार, 12 अगस्त 2026 का यह पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए यहां के लोग सीधे आसमान में इस नजारे का दीदार नहीं कर पाएंगे। लेकिन अंतरिक्ष प्रेमियों को मायूस होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जिन देशों में यह ग्रहण दिखाई देगा, वहां से इंटरनेट और टीवी के माध्यम से इसका सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) किया जाएगा। इसके जरिए भारत में बैठे लोग भी इस अद्भुत घटना का पूरा आनंद ले सकेंगे।

