लद्दाख के कारगिल स्थित मिनिमर्ग चेकपॉइंट पर एक महिला पर्यटक के सुरक्षाकर्मियों से कथित विवाद और उसके ‘हम Gen Z हैं’ वाले बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के साथ-साथ पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी नाराजगी जताई है।
मिजोरम के राज्यपाल और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने कहा कि किसी भी घटना की आलोचना तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि भावनाओं या बिना सोचे-समझे लगाए गए आरोपों के आधार पर। उन्होंने मिनिमर्ग की घटना को सैनिकों के साहस, बलिदान और सतर्कता की याद दिलाने वाला बताया और कहा कि जवानों को गलत तरीके से दोषी ठहराना या उनका अपमान करना उचित नहीं है।
लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने दिया जवाब
चिनार कॉर्प्स के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने भी वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। महिला के कथित बयान, ‘हमारे टैक्स से उनकी सैलरी मिलती है’, पर उन्होंने कहा कि सैनिक अपनी सैलरी मिलने से पहले ही टैक्स चुका देते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटक ऐसे इलाकों में इसलिए छुट्टियां मना पाते हैं क्योंकि सैनिक दिन-रात उनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं।
ढिल्लों ने महिला से अधिकारों की मांग करने से पहले कानून का पालन करने वाली जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील भी की।
सतीश दुआ ने भी जताई नाराजगी
चिनार कॉर्प्स के एक अन्य पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने महिला की टिप्पणी को सैनिकों के बलिदान का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि लद्दाख जैसे बॉर्डर एरिया में सुरक्षा परिस्थितियां संवेदनशील होती हैं और सेना के जवान भी टैक्स देते हैं।
25 जुलाई का बताया जा रहा है वीडियो
वायरल वीडियो कारगिल के मिनिमर्ग चेकपॉइंट का बताया जा रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 25 जुलाई की है। उस दिन रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख के दौरे के चलते जोजिला-गुमरी मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात रोका गया था। खराब मौसम के कारण उनके यात्रा कार्यक्रम में बदलाव हुआ और इसके बाद उन्होंने सड़क मार्ग से कारगिल की यात्रा की।

