तेहरान,19 अगस्त। ईरान की सशस्त्र बल ने बुधवार को खाड़ी देशों को अमेरिका की सहायता करने के खिलाफ चेतावनी दी है। ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि अमेरिका की सहयता करना अमेरिकी सैन्य अभियानों में शामिल होने के बराबर होगा। अब्दुल्लाही ने एक्स पर लिखा, हम चेतावनी देना चाहते हैं कि हमलावर अमेरिकी सेना को दी गई कोई भी सहायता या सुविधा अमेरिकी सैन्य अभियान में भागीदारी के बराबर है।
अब्दुल्लाही ने कहा, ऐसा प्रतीत नहीं होता कि इतनी बड़ी संख्या में सैन्य विमान, विशेष रूप से ईंधन भरने वाले विमान, मेजबान देशों की जानकारी के बिना क्षेत्रीय ठिकानों पर मौजूद हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी से सटे जिन देशों ने अपने-अपने बयान जारी कर कहा है कि वे अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपनी धरती का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे, उन्हें पता होना चाहिए कि ईरान की नजरों से कोई बच नहीं सकता।
ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन विमानवाहक पोत को मध्य पूर्व में यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेने के लिए फिर से तैनात किया जा रहा है।
पिछले दिनों खबर आई थी कि यूएसएस लिंकन के चालक दल के लिए रहने की स्थिति काफी प्रतिकूल हो गई है।
इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात ने भी ईरान के साथ सभी व्यापारिक और वित्तीय लेन-देन को निलंबित कर दिया है।

