ऑस्ट्रेलिया के मोनाश यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने क्वांटम पदार्थ की एक ऐसी नई अवस्था की भविष्यवाणी की है, जो रोजमर्रा की दुनिया में देखी जाने वाली किसी भी चीज से काफी अलग है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, बेहद ठंडे वातावरण में बोसॉन और फर्मिऑन नाम के दो अलग-अलग प्रकार के क्वांटम कण सही परिस्थितियों में मिलकर एक स्थिर, खुद से बंधी हुई ‘क्वांटम ड्रॉपलेट’ बना सकते हैं।
आखिर क्या है ये ‘क्वांटम बूंद’?
नाम भले ही बूंद जैसा हो, लेकिन यह पानी की बूंद जैसी बिल्कुल नहीं है। सामान्य तरल बूंद को उसके अणु एक साथ रखते हैं, जबकि क्वांटम ड्रॉपलेट की स्थिरता क्वांटम मैकेनिक्स के नियमों से आती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, कणों के बीच आकर्षण बल और फर्मिऑन्स से पैदा होने वाला दबाव एक-दूसरे को संतुलित करते हैं। इसी संतुलन की वजह से यह सिस्टम ढहने से बच सकता है।
दशकों पुरानी सोच को मिली चुनौती
वैज्ञानिक लंबे समय से मानते रहे थे कि मजबूत इंटरैक्शन वाले बोस-फर्मि सिस्टम में ऐसी स्थिर बूंदों का बनना मुश्किल होगा। नए अध्ययन ने इस धारणा को चुनौती दी है और मजबूत कण-अंतरक्रियाओं को समझने के लिए एक नया सैद्धांतिक रास्ता सुझाया है।
क्या इसे प्रयोगशाला में बनाया जा सकता है?
सबसे खास बात यह है कि शोध केवल एक सैद्धांतिक कल्पना तक सीमित नहीं है। टीम के मुताबिक, मौजूदा अल्ट्राकोल्ड एटम प्रयोगों की मदद से इन क्वांटम ड्रॉपलेट्स को बनाने की कोशिश की जा सकती है। यानी अब अगला बड़ा कदम प्रयोगशाला में इस भविष्यवाणी की पुष्टि करना होगा।
शोधकर्ताओं को इस सिस्टम में तरल और गैस के बीच होने वाले बदलाव जैसे दूसरे असामान्य क्वांटम व्यवहार के संकेत भी मिले हैं। भविष्य में ऐसी खोजें बेहद सटीक सेंसर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकों को समझने और विकसित करने में मदद कर सकती हैं।
यानी, वैज्ञानिकों ने अभी कोई सामान्य ‘बूंद’ नहीं खोजी है, बल्कि क्वांटम स्तर पर पदार्थ की एक नई संभावित अवस्था की भविष्यवाणी की है—और अब इसकी असली परीक्षा प्रयोगशाला में होगी।

