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21 Feb 2026, Sat

भारत-ब्राजील में क्रिटिकल मिनरल्स समझौता: प्रधानमंत्री मोदी बोले- 5 साल में 20 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

नई दिल्ली, एजेंसी। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा का शनिवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। दोनों लीडर्स के बीच दिल्ली के हैदराबाद हाउस में बैठक शुरू हो गई है। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते (ट्रेड डील) को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, जिसमें क्रिटिकल मिनरल्स, रेयर अर्थ्स, डिफेंस, एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे क्षेत्रों पर खास फोकस है।
लूला प्रधानमंत्री मोदी के न्योते पर भारत आए हैं। वे 18-22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं। भारत-ब्राजील संबंधों पर लुला ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार सिर्फ 15 अरब डॉलर है, जिसे 30-40 अरब तक बढ़ाना चाहिए। वे 260 ब्राजीलियाई व्यवसायियों के साथ आए हैं ताकि अंतरिक्ष, रक्षा, फार्मा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी हो। एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर भारत में प्लांट खोलेगी। दोनों देश ग्लोबल साउथ के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और उदाहरण पेश कर सकते हैं। लुला ने यह बात शुक्रवार को इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कही।
चीन की निर्भरता कम करने की तैयारी में भारत-ब्राजील
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच होने वाली द्विपक्षीय मुलाकात में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
यह समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख हिस्सा है, जो ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन की निर्भरता कम करने, ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को सपोर्ट करने और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने पर केंद्रित है।
यह समझौता दोनों देशों को कच्चे माल के निर्यातक से आगे बढ़ाकर प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रिसाइक्लिंग में भागीदार बनाने पर जोर देता है।
खनन, प्रोसेसिंग और रिसाइक्लिंग: क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे लिथियम, निकल, कोबाल्ट, ग्रेफाइट) और रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) पर फोकस।
सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन: चीन पर निर्भरता कम करना, खासकर EV बैटरी, रिन्यूएबल एनर्जी और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए।
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: भारत की प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग क्षमता ब्राजील के संसाधनों के साथ जोड़ी जाएगी।
इन्वेस्टमेंट और जॉइंट वेंचर्स: भारतीय कंपनियां (जैसे KABIL – Khanij Bidesh India Ltd) ब्राजील में निवेश कर सकती हैं, जबकि ब्राजील भारतीय टेक्नोलॉजी और मार्केट एक्सेस चाहता है।
ग्रीन ट्रांजिशन सपोर्ट: क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और AI से जुड़े टेक्नोलॉजी के लिए जरूरी मिनरल्स की सुरक्षित आपूर्ति।
क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स को लेकर समझौता हुआ
भारत और ब्राजील के बीच क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स को लेकर समझौता हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समझौता मजबूत सप्लाई चेन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि रक्षा क्षेत्र में भी भारत और ब्राजील के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। यह दोनों देशों के बीच आपसी भरोसे और रणनीतिक समझ का अच्छा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आगे भी इस फायदे वाली साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा। मोदी ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य और दवा क्षेत्र में सहयोग की बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। भारत ब्राजील को सस्ती और अच्छी गुणवत्ता की दवाओं की आपूर्ति बढ़ाने के लिए काम करेगा।

By Aryavartkranti Bureau

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