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13 Mar 2026, Fri

AI संभालेगा सुप्रीम कोर्ट में केस लिस्टिंग और बेंच आवंटन का काम, सीजेआई सूर्यकांत ने लिया फैसला

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक कामकाज में एक अहम बदलाव लाने के लिए एआई का इस्तेमाल करने की बात की है। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से चलाए जाने वाले सॉफ्टवेयर कोर्ट के मामलों की लिस्ट तैयार करने और बेंच के आवंटन का काम संभालेंगे। ऐसे में इस प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप प्रभावी रूप से खत्म हो जाएगा। यह फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने लिया है। मौजूदा समय में सीजेआई की तरफ से अलग-अलग बेंच को मामले आवंटित किए जाते हैं। ये रोस्टर के मालिक हैं। इस शक्ति की वजह से सीजेआई का कार्यालय गहन जांच के दायरे में रहता है।
ये सुधार एक आंतरिक जांच के बाद सामने आया है। इसमें रजिस्ट्री के भीतर दो प्रणालीगत असफलताएं सामने आई हैं। इनमें एक है रजिस्ट्री अधिकारियों का लंबे समय तक अपने पदों पर बने रहना और दूसरा, पुरानी तकनीकी अवसंरचना जिसने अनियमित और अनुचित मामला आवंटन सहित प्रशासनिक खामियों को लंबे समय तक छिपाए रखा था।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में सालों से चली आ रही रूढ़िवादिता और प्रणालीगत अक्षमता को दूर करने के लिए रजिस्ट्री अधिकारियों के अंतरविभागीय तबादलों की एक अभूतपूर्व लहर देखी गई है। महीने के अंत से पहले तबादलों का दूसरा दौर होने की उम्मीद है।
व्यवस्था की खामियों को दूर करना है मकसद
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में अधिकारियों के एक विभाग से दूसरे विभाग में तबादलों की लहर देखने को मिली है। इसका मकसद सालों से एक ही जगह जमे अधिकारियों और व्यवस्था की खामियों को दूर करना है। इस महीने के आखिर से पहले तबादलों का दूसरा दौर भी होने की उम्मीद है।
इसकी शुरुआत तब हुई जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच के सामने चल रही सुनवाई के दौरान एक बड़ी चूक सामने आई। यह बेंच इरफान सोलंकी की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने ‘उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1986’ को चुनौती दी थी। याचिका में दलील दी गई थी कि यह कानून ‘भारतीय न्याय संहिता, 2023’ की धारा 111 के प्रावधानों के उल्टा है।

By Aryavartkranti Bureau

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