कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल में इस महीने होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्यभर की सियासत में गर्माहट तेज है। ध्यान देने वाली बात ये है कि जैसे-जैसे चुनाव के दिन नजदीक आ रहे हैं राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी सातवें आसमान पर पहुंचती नजर आ रही है। इसी बीच अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल में चुनावी रैली के दौरान वीडियो संबोधन के माध्यम से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर जमकर निशाना साधा और बाढ़ राहत के नाम पर 100 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की तरफ से उत्तर बंगाल में बाढ़ राहत के लिए दिए गए 100 करोड़ रुपये की रकम में घोटाला हुआ है और सत्ता में आने पर भाजपा यह पैसा वापस लेगी। शाह ने अपने बयान में गोरखा मुद्दे पर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा बंगाल में सत्ता में आती है, तो दार्जिलिंग के गोरखा मुद्दे को प्राथमिकता से हल किया जाएगा। उन्होंने वादा किया कि गोरखा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी पुराने केस वापस ले लिए जाएंगे।
बता दें कि खराब मौसम के कारण शाह दार्जिलिंग के लेबोंग नहीं पहुंच सके, इसलिए उन्होंने मालदा से वीडियो संदेश के जरिए लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 21 अप्रैल को कर्सियांग में होने वाली रैली में वे खुद मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि उन्होंने गोरखा मुद्दे को सुलझाने के लिए केंद्र द्वारा बुलाई गई बैठकों में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की अनदेखी के कारण यह समस्या अब तक बनी हुई है।
शाह ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर बंगाल में घुसपैठ, गुंडाराज और माफिया राज खत्म किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ने गोरखा समुदाय के लोगों पर झूठे केस दर्ज किए हैं, जिन्हें हटाया जाएगा। गौरतलब है कि दार्जिलिंग में लंबे समय से अलग गोरखालैंड राज्य की मांग चल रही है, जिसको लेकर पहले भी हिंसक आंदोलन हो चुके हैं। शाह ने भरोसा दिलाया कि भाजपा इस मुद्दे का स्थायी समाधान संविधान के दायरे में रहकर निकालेगी।
‘बंगाल में बाढ़ राहत के नाम पर करोड़ों का घोटाला’: टीएमसी पर भड़के अमित शाह, बोले- सत्ता में आने पर करेंगे वसूल

