नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि संविधान पर हमला हो रहा है और इसे डॉ. बीआर अंबेडकर और महात्मा गांधी की आवाज़ों का प्रतिनिधित्व करने वाला दस्तावेज़ बताया, जिसकी रक्षा की जानी चाहिए। वे अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में क्रांतिकारी वीर पासी की स्मृति में आयोजित ‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ को संबोधित कर रहे थे।
गांधी ने कहा कि अन्य वक्ताओं को सुनते हुए मुझे लगा कि हम वीर पासी और डॉ. अंबेडकर को याद तो करते हैं, लेकिन जिस विचारधारा के लिए वे खड़े थे, उसकी ठीक से रक्षा नहीं हो रही है, क्योंकि हमारी आंखों के सामने संविधान पर हमला हो रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि संविधान कोई साधारण दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह अंबेडकर, वीर पासी और महात्मा गांधी की विचारधाराओं के साथ-साथ केरल के नारायण गुरु और कर्नाटक के बसवन्ना जैसे कई समाज सुधारकों के योगदान को भी समाहित करता है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रायबरेली से निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एक महीने के अंदर नरेंद्र मोदी टीवी पर आकर हाथ जोड़ेंगे।
गांधी ने बुद्ध, गुरु नानक और कबीर का भी जिक्र करते हुए कहा कि उनकी आवाज़ें संविधान में प्रतिबिंबित होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग मूर्तियों के सामने सिर झुकाते हैं और बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित करते हैं, लेकिन संविधान और उसके द्वारा प्रतिपादित विचारधारा पर हमले होने पर चुप रहते हैं। उन्होंने कहा कि अंबेडकर की मूर्ति के सामने सिर झुकाने वाले लोग उनकी विचारधारा को भूल जाते हैं। वे उसकी रक्षा नहीं करते। विचारधारा पर हमला होने पर उसकी रक्षा करना जरूरी है।’ दर्शकों में से कुछ लोगों के ताली बजाने पर गांधी ने कहा आप अभी ताली बजा रहे हैं, लेकिन जब संविधान को तार-तार किया जा रहा है, तो आप चुप रहते हैं।’
उन्होंने कहा कि इसमें लिखा है कि भारत सबका है, किसी जाति, व्यक्ति, अरबपति या संगठन का नहीं। गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने ईंधन की खपत, सोने की खरीद और विदेश यात्रा कम करने की बात कही थी, ताकि कीमतों में भारी वृद्धि की चेतावनी दी जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में महंगाई तेजी से बढ़ेगी। पेट्रोल, डीजल, गैस, अनाज, हर चीज की कीमतें बढ़ेंगी। उन्होंने मोदी की इस बात के लिए आलोचना की कि विदेश यात्रा न करने की अपील के तुरंत बाद ही वे पांच देशों के दौरे पर निकल गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री एमएनआरईजीए को कमजोर करके, जाति जनगणना न कराकर और कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों का पक्ष लेकर ‘दिन-रात संविधान पर हमला’ कर रहे हैं।

