नई दिल्ली। 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के रुझानों ने राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया है सबसे ज्यादा चौंकाने वाले नतीजे पश्चिम बंगाल और केरल से आ रहे हैं बंगाल में जहां बीजेपी ने भारी बढ़त बनाकर ममता बनर्जी के किले में सेंध लगा दी है, वहीं केरल में कांग्रेस ने जबरदस्त वापसी की है असम में भी सत्ता विरोधी लहर का फायदा कांग्रेस को मिलता नहीं दिख रहा है तमिलनाडु में भी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है कांग्रेस की हालत बेहद खराब है और पार्टी केरल छोड़कर अन्य राज्यों में बुरी तरह संघर्ष कर रही है
पश्चिम बंगाल और असम में कांग्रेस का डब्बा गोल क्यों हुआ?
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है रुझानों के मुताबिक बंगाल में कांग्रेस का खाता खुलना भी मुश्किल लग रहा है यहां मुख्य मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच सिमट गया है असम में भी कांग्रेस को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली है वहां बीजेपी एक बार फिर सरकार बनाने की स्थिति में दिख रही है इन राज्यों में कांग्रेस की सांगठनिक कमजोरी और स्थानीय नेतृत्व का अभाव साफ झलक रहा है
तमिलनाडु में इस बार मुकाबला डीएमके और एआईएडीएमके के बीच नहीं रहा विजय थलपति की पार्टी टीवीके (TVK) ने दमदार एंट्री मारी है टीवीके 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिसने राज्य के पुराने सियासी समीकरण बिगाड़ दिए हैं पुदुचेरी में भी कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है वहां भी कांग्रेस तीसरे नंबर की पार्टी बनकर रह गई है कुल मिलाकर दक्षिण भारत के एक राज्य केरल को छोड़ दें, तो बाकी जगह कांग्रेस के लिए राहें बहुत मुश्किल नजर आ रही हैं
बस केरल में कांग्रेस को राहत
केरल के रुझान कांग्रेस के लिए संजीवनी बनकर आए हैं राज्य में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) पूर्ण बहुमत की ओर बढ़ रहा है शुरुआती रुझानों में यूडीएफ 97 सीटों पर आगे चल रहा है इसने वाम मोर्चे के एक दशक लंबे शासन को हिलाकर रख दिया है तिरुवनंतपुरम स्थित कांग्रेस मुख्यालय में

