वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिकी नौसेना के सचिव जॉन फेलन को तुरंत पद से हटा दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब ईरान के साथ तनाव के बीच अमेरिका ने समुद्र में नाकाबंदी लागू कर रखी है। पेंटागन ने एक छोटे बयान में कहा कि फेलन तुरंत प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं, लेकिन हटाने की साफ वजह नहीं बताई गई।
सूत्रों के मुताबिक, फेलन को हटाने के पीछे कई कारण थे। सबसे बड़ा कारण यह था कि वह नेवी के जहाज बनाने की योजना में सुधार को तेजी से लागू नहीं कर पा रहे थे। इसके अलावा उनका तालमेल रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, डिप्टी रक्षा मंत्री स्टीव फाइनबर्ग और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी हंग काओ के साथ भी अच्छा नहीं था। अब हंग काओ को अस्थायी तौर पर नौसेना सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
फेलन के खिलाफ चल रही थी जांच
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फेलन के दफ्तर के खिलाफ चल रही एक एथिक्स जांच भी उनकी बर्खास्तगी का कारण बनी। इसके अलावा, फेलन और हेगसेथ के बीच कई महीनों से तनाव चल रहा था। हेगसेथ को लगता था कि फेलन काम में धीमे हैं और सीधे ट्रंप से बात करके नियमों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
व्हाइट हाउस में हुई एक अहम बैठक के बाद मामला और गंभीर हो गया। ट्रंप पहले से ही नौसेना के काम की धीमी गति से नाराज थे। उन्होंने हेगसेथ को इस मामले को तुरंत सुलझाने के लिए कहा। इसके बाद फेलन को इस्तीफा देने या हटाए जाने का विकल्प दिया गया। बाद में ट्रंप ने खुद उनकी बर्खास्तगी की पुष्टि की।
पिछले साल ही हुई थी नियुक्ति
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के खिलाफ नाकाबंदी कर रहा है। अमेरिकी नौसेना अब तक 31 जहाजों को वापस भेज चुकी है और दो जहाजों को अपने कब्जे में भी लिया है। इस अभियान में नेवी की अहम भूमिका है। हालांकि फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 22 अप्रैल तक ईरान से जुड़े 34 जहाज नाकाबंदी तोड़ने में सफल रहे हैं। जॉन फेलन एक बड़े कारोबारी थे और उनके पास पहले कोई सैन्य अनुभव नहीं था। उन्हें 2025 में इस पद पर नियुक्त किया गया था और वे ट्रंप के करीबी माने जाते थे। उनकी बर्खास्तगी ट्रंप के इस कार्यकाल में किसी बड़े रक्षा अधिकारी की पहली ऐसी कार्रवाई है।
आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ भी हटाए गए थे
इससे पहले भी पेंटागन में कई बड़े बदलाव हुए हैं। इस महीने आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ रैंडी जॉर्ज को कारण बताये बिना पद से हटा दिया गया। डेविड हॉडने और विलियम ग्रीन जूनियर जैसे जनरल को भी हटाया जा चुका है। अमेरिकी सीनेटर जैक रीड ने इस फैसले को चिंताजनक बताया है और कहा है कि इससे रक्षा विभाग में अस्थिरता दिखती है। यह सब ऐसे समय हो रहा है, जब अमेरिका को चीन की तेजी से बढ़ती नौसेना का सामना करना है। इसी वजह से ट्रंप सरकार ने 2027 के लिए 1।5 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा बजट प्रस्तावित किया है, जिसमें 65 अरब डॉलर से ज्यादा नए युद्धपोत और सपोर्ट जहाजों पर खर्च करने की योजना है।

