लेटेस्ट न्यूज़
13 May 2026, Wed

मुख्यमंत्री बनने से पहले नहीं चाहिए सुरक्षा, शपथ पर सस्पेंस के बीच TVK चीफ विजय ने वापस भिजवाईं पुलिस की गाड़ियां

चेन्नई। तमिलनाडु में अप्रत्याशित चुनाव परिणाम आने के बाद नई सरकार को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। एक्टर विजय की नवोदित पार्टी TVK सभी को चौंकाते हुए राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत नहीं हासिल कर सकी। राजनीतिक कयासों के बीच विजय आज राज्यपाल से मुलाकात कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री बनने से पहले किसी तरह की सुरक्षा लेने से मना कर दिया है। TVK प्रमुख विजय ने आज गुरुवार को कहा कि उन्होंने शपथ ग्रहण होने तक, प्रोटोकॉल के तहत तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को मिलने वाले पुलिस काफिले की गाड़ियों को लेने से इनकार कर दिया है। जबकि एक पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद “प्रोटोकॉल के तहत” उन्हें दी गई CM के काफिले की गाड़ियां वापस लौटा दी गई हैं, हालांकि इसे रद्द नहीं किया गया है। अधिकारी ने यह भी बताया कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। दूसरी ओर, तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) ने साफ किया कि पार्टी के संस्थापक विजय ने “खुद ही कहा था कि पुलिस काफिले की गाड़ियों को लौटा दिया जाए”। TVK ने अपने बयान के जरिए बताया, “विजय ने कहा कि वे मुख्यमंत्री के स्तर की आधिकारिक सुरक्षा तभी लेंगे, जब वे स्पष्ट जनादेश के साथ सरकार बना लेंगे”। तमिलनाडु में 4 मई को आए चुनाव परिणाम में TVK ने 108 सीटों पर जीत हासिल थी, तब विजय को 4 गाड़ियां काफिले के तौर पर दी गई थीं, लेकिन उन्होंने इसे वापस लेने की गुजारिश की और इसके बाद ये गाड़ियां उनके घर से वापस चली गईं। इस बीच विजय कल 6 मई को जब राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने आए थे, तो पुलिस ने उनके पनयूर स्थित घर और यहां के लोक भवन के सामने सुरक्षा तैनात की थी। जबकि राज्यपाल से मिलने के लिए विजय ने सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया।
शपथ ग्रहण के लिए स्टेडियम पहुंचे समर्थक
दूसरी ओर, एक्टर विजय के प्रशंसकों के बीच यह खबर फैल गई कि वह आज गुरुवार को नेहरू इंडोर स्टेडियम में शपथ लेने जा रहे हैं, ऐसे में बड़ी संख्या में लोग बसों या अन्य माध्यमों से स्टेडियम पहुंच गए। लेकिन जब वे वहां पहुंचे तो उन्हें दरवाजे बंद मिले और कर्मचारियों को ऐसे किसी कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी थी। राज्य के अलग-अलग हिस्सों जैसे अरुम्बक्कम और कोयंबटूर से आए कई समर्थकों ने स्टेडियम परिसर को बंद पाया को उन्हें भारी निराशा हुई। शपथ ग्रहण को करीब से देखने के लिए जल्दी पहुंचने के बाद जब ऐसा कोई कार्यक्रम ही तय नहीं होने से निराश एक महिला समर्थक, चारुलता ने कहा, “हम बहुत खुशी के साथ आए थे, यह सोचकर कि आज वह मुख्यमंत्री बनेंगे। लेकिन यहां कुछ भी नहीं है। दरवाजे बंद हैं। यह बहुत दुखद है।” उनकी बेटी और 12वीं कक्षा में जाने वाली छात्रा साई दीपिका, ने इस कार्यक्रम को लेकर अपना उत्साह साझा करते हुए कहा, “मैं यहां आकर बहुत उत्साहित थी। मैं सबसे कहती रही हूं कि वह जीतेंगे और लोगों के लिए अच्छे काम करेंगे।”

घर वालों को बताए गए स्टेडियम आई महिला
AIADMK समर्थकों के परिवार से नाता रखने वाली और लंबे समय से राजनीति पर नजर रखने वाली, साफ तौर पर परेशान दिख रही गुनासुंदरी ने कहा कि अब उन्होंने अपनी वफादारी विजय की तरफ मोड़ ली है। वह कहती हैं, “मैं सबके सामने कहती हूं कि मैंने विजय को वोट दिया है। मुझे विश्वास है कि वह जरुरतमंदों की मदद करेंगे। दरवाजों को इस तरह बंद देखना एक सदमा है।” शपथ ग्रहण के बारे में गुनासुंदरी ने कहा, “मेरे बेटे ने मुझे बताया था कि कल घोषणाएं की गई थीं और आज सब लोग आ रहे हैं। मैंने अपने बेटे को यह नहीं बताया कि मैं जा रही हूं। मैं बस पहली बार उन्हें आमने-सामने देखने के लिए अपनी यात्रा पर निकल पड़ी।”

By Aryavartkranti Bureau

आर्यावर्तक्रांति दैनिक हिंदी समाचार निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सेवा, शिक्षा और कल्याण के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने की प्रेरणा और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।