अमेरिका में प्रजनन दर अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंची, मां बनने में महिलाओं की रुचि कम हुई

वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका में भी लोग अब बच्चे पैदा करने से कतरा रहे हैं और इसी का नतीजा है कि अमेरिका में प्रजनन दर साल 2024 में सबसे न्यूनतम रही। अमेरिकी सरकार के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में हर महिला 1।6 बच्चों से भी कम बच्चे पैदा कर रही है। एक समय अमेरिका में औसतन प्रजनन दर प्रति महिला 2।1 बच्चे था, लेकिन बीते दो दशकों से अमेरिका में प्रजनन दर में भारी कमी आई है और अब वहां की महिलाएं या तो बच्चे पैदा करने में लंबा समय ले रही हैं या फिर बच्चे पैदा ही नहीं कर रही हैं।
यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें साल 2024 के आंकड़े दिए गए हैं। सीडीसी ने बताया कि 1960 की शुरुआत में अमेरिका में प्रजनन दर 3।5 के करीब थी, लेकिन साल 1976 में यह गिरकर 1।7 बच्चे प्रति महिला रह गई। हालांकि साल 2007 तक यह आंकड़ा 2।1 बच्चे प्रति महिला रहा, लेकिन इसमें फिर से गिरावट हुई, जो अभी भी जारी है। आंकड़ों के अनुसार, लगभग हर महिला वर्ग में बच्चों के जन्म में गिरावट आई है और आशंका है कि आने वाले वर्षों में भी ये गिरावट जारी रह सकती है। लोग देर से शादी कर रहे हैं और पैसों को लेकर चिंता, स्वास्थ्य बीमा और अन्य संसाधनों पर बढ़ते खर्च के चलते लोग बच्चे पैदा करने से कतरा रहे हैं।
अमेरिकी विशेषज्ञ प्रजनन दर में गिरावट से चिंतित नहीं
विश्व बैंक के डेटा के अनुसार, ये आंकड़े पश्चिमी यूरोपीय देशों की प्रजनन दर के बराबर है। प्रजनन दर में गिरावट के बाद अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने प्रजनन दर बढ़ाने के लिए कुछ कदम उठाए हैं जैसे आईवीएफ तकनीक से गर्भधारण की लागत में कमी की गई है। साथ ही बेबी बोनस का भी एलान किया गया है, जिससे ज्यादा लोग बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं। हालांकि कोलोराडो यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार, प्रजनन दर में गिरावट चिंता की बात नहीं हैं क्योंकि अमेरिका में अभी भी मरने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा बच्चे पैदा हो रहे हैं। इससे प्राकृतिक तौर पर अमेरिकी जनसंख्या बढ़ रही है।

Aryavartkranti Bureau
Aryavartkranti Bureauhttp://www.aryavartkranti.com
आर्यावर्तक्रांति दैनिक हिंदी समाचार निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सेवा, शिक्षा और कल्याण के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने की प्रेरणा और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।
अन्य ख़बर

Most Popular