वॉशिंगटन, एजेंसी। भारत और अमेरिका के बीच लंबित व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है। इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद अमेरिका ने पारस्परिक टैरिफ में भी 18 फीसदी की कटौती की है। इस कदम के बाद दोनों देशों के बीच चल रहा व्यापारिक तनाव कम हो गया है। इस पर अब अमेरिकी शीर्ष राजनयिक में से एक निशा देसाई बिस्वाल की प्रतिक्रिया आई है।
व्यापार समझौते पर अभी अहम विवरण का इंतजार
यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन की डिप्टी सीईओ निशा बिस्वाल ने कहा कि महीनों की बातचीत से समझौते का ढांचा तो तैयार हो गया है, लेकिन इसके कार्यान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विवरण अभी भी प्रतीक्षित हैं। बिस्वाल ने कहा,’चूंकि हमें अभी तक कोई कार्यान्वयन संबंधी दिशानिर्देश या विवरण नहीं मिले हैं, इसलिए हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि यह कैसा दिखता है।’
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत कई महीनों से लिखित समझौतों पर बातचीत कर रहे हैं, इसलिए इनमें से कई विवरण दोनों वार्ताकारों द्वारा पहले ही तय कर लिए गए हैं। समझौते के अंतिम चरण में शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी या उनमें बदलाव आएगा, यह देखना होगा।
भारत और यूरोपीय संघ के समझौते का पड़ा दवाब
उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि राजदूत सर्जियो गोर और राजदूत विनय मोहन क्वात्रा बहुत लगन से काम कर रहे हैं। भारत में एक अमेरिकी राजदूत का राष्ट्रपति के साथ सीधा और व्यक्तिगत संबंध होना मददगार है। इससे समझौते को पूरा करने के लिए जो आवश्यक है, उसके बारे में प्रभावी और स्पष्ट रूप से संवाद करने की क्षमता में विश्वास पैदा होता है। भारत और यूरोपीय संघ ने पिछले सप्ताह एक महत्वपूर्ण समझौते की घोषणा की, जिससे अमेरिकी प्रशासन पर कुछ दबाव पड़ा, क्योंकि अमेरिका भी एक महत्वपूर्ण समझौते पर काम कर रहा था और उन लाभों को खोना नहीं चाहता था।’

