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11 Feb 2026, Wed

योगी सरकार ने खोला पिटारा: बजट में दिखी युवाओं को साधने की कोशिश, यूपी में 10 लाख रोजगार, बेटियों की शादी में एक लाख की मदद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दसवां बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। विधान चुनाव से पहले यह दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है। वित्त मंत्री ने सदन में 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश किया। इसमें निवेश, रोजगार, बुनियादी विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस किया गया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की लगभग 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है।
भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाईयां प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट अप रैंकिंग में ‘लीडर श्रेणी’ की रैंकिंग हासिल हुई है।
कृषि उत्पादन में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जानकारी दी कि कृषि उत्पादन में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। युवाओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षण पर हमारा लक्ष्य है। यूपी में एग्री एक्सपोर्ट हब बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग लाखों किसानों को फायदा पहुंचा गया। हमारी सरकार ने रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया है।
योगी सरकार में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ -वित्त मंत्री
हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है, चाहे कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो, अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार हो, औद्योगिक निवेश हो, रोजगार सृजन हो, महिलाओं का सशक्तीकरण हो, युवाओं का कौशल संवर्धन हो, किसानों की खुशहाली हो, गरीबी उन्मूलन हो।
वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है, चाहे कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो, अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार हो, औद्योगिक निवेश हो, रोजगार सृजन हो, महिलाओं का सशक्तीकरण हो, युवाओं का कौशल संवर्धन हो, किसानों की खुशहाली हो, गरीबी उन्मूलन हो।
वर्ष 2024-2025 (त्वरित अनुमान) में प्रदेश की जी.एस.डी.पी. 30.25 लाख करोड़ रुपये आकलित हुई है, जो गत वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित करता है।
प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये आकलित हुयी है जो वर्ष 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये के दो गुने से अधिक है।
वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है। प्रदेश में हम लगभग 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुये हैं। बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गई है।

By Aryavartkranti Bureau

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