वाशिंगटन। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका और ईरान एक संभावित समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इसके तहत अमेरिका ईरान में हमले नहीं करेगा और बदले में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल देगा।
सूत्रों ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ संभावित युद्धविराम को लेकर चर्चा की है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान के राष्ट्रपति युद्धविराम चाहते हैं, लेकिन ऐसा तब तक नहीं होगी, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खुल जाता। उन्होंने लिखा, हम तभी विचार करेंगे जब होर्मुज जलडमरूमध्य खुला, स्वतंत्र और साफ होगा। तब तक, हम ईरान को पूरी तरह से तबाह कर देंगे, या जैसा कि लोग कहते हैं, उसे पाषाण युग में वापस भेज देंगे!!! हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावे को झूठा और बेबुनियाद बताया है।
रिपोर्ट में मामले से परिचित एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मध्यस्थों से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने संदेश दिया कि ट्रंप अब और इंतजार नहीं कर सकते और अगर ईरान कोई समझौता नहीं करता है, तो उसके बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ता जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने वेंस को निर्देश दिया कि वे यह संदेश पहुंचाएं कि अगर कुछ निश्चित मांगें पूरी हो जाती हैं, तो युद्धविराम हो सकता है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और ईरान के बीच भरोसे का स्तर शून्य है। उन्होंने कहा, तेहरान को अमेरिका के कामों में कोई ईमानदारी नजर नहीं आती और अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत का अनुभव कभी भी अच्छा नहीं रहा है। आप ईरान की जनता से धमकियों और समय-सीमा की भाषा में बात नहीं कर सकते। हम अपनी रक्षा के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं करते।
युद्धविराम की अटकलों के बीच अमेरिका पश्चिम एशिया में लगातार सैन्य तैनाती बढ़ा रहा है। अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अब युद्धपोत यूएसएस जॉर्ज बुश को भेजा है। एक लाख टन वजनी निमिट्ज श्रेणी का ये सुपरकैरियर 5,000 से ज्यादा सैनिकों वाले स्ट्राइक ग्रुप की अगुवाई कर रहा है। इस ग्रुप में 3 अर्ले-बर्क-क्लास डिस्ट्रॉयर- यूएसएस रॉस, यूएसएस डोनाल्ड कुक और यूएसएस मेसन शामिल हैं। इस पर 60-70 लड़ाकू विमान भी तैनात हैं।

