नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के उस लेख को साझा किया, जिसमें भारत में एशियाई शेरों की बढ़ती संख्या और उनके प्राकृतिक पर्यावास के विस्तार का उल्लेख किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में एशियाई शेरों की संख्या लगातार बढ़ रही है और उनके पर्यावास का दायरा भी विस्तृत हो रहा है। उन्होंने इसे वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में देश के प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से एशियाई शेरों जैसी विशिष्ट प्रजातियों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा।
प्रधानमंत्री ने सामाजिक मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, एक शानदार वापसी! भारत में एशियाई शेरों की संख्या बढ़ रही है तथा उनके पर्यावास में विस्तार हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि सामुदायिक भागीदारी के साथ वन्यजीव संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता इन विशिष्ट प्रजातियों को पीढ़ियों तक संरक्षित रखने का प्रेरक उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा लिखे गए लेख को ज्ञानवर्धक बताते हुए लोगों से इसे पढ़ने का आग्रह भी किया।
संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी पर जोर
एशियाई शेर भारत की महत्वपूर्ण वन्यजीव विरासत का हिस्सा हैं। इनके संरक्षण में प्राकृतिक पर्यावास की सुरक्षा के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए लेख में शेरों की बढ़ती संख्या और उनके पर्यावास के विस्तार को भारत में वन्यजीव संरक्षण के सकारात्मक परिणाम के रूप में रेखांकित किया गया है।
प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को केवल वन्यजीवों की संख्या में वृद्धि तक सीमित न मानते हुए इसे संरक्षण के प्रति देश की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और जनभागीदारी से जोड़कर देखा है।

