‘उनका दृष्टिकोण सचिन जैसा…’, ग्रेग चैपल ने इस युवा इंग्लिश बल्लेबाज की तेंदुलकर से की तुलना

नई दिल्ली। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच ग्रेग चैपल ने इंग्लैंड के उभरते हुए स्टार हैरी ब्रूक और महान सचिन तेंदुलकर के बीच तुलना की है। सिडनी मार्निंग हेराल्ड में अपने कॉलम में चैपल ने 25 साल के इंग्लिश बल्लेबाज की अंतरराष्ट्रीय करियर की शानदार शुरुआत के लिए तारीफ की और कहा कि ब्रूक का शुरुआती प्रभाव तेंदुलकर से ज्यादा रहा है।
चैपल ने ब्रूक की तुलना सचिन से की
उन्होंने कहा, ‘हैरी ब्रूक, एक सनसनीखेज बल्लेबाज! उनके प्रदर्शन और दृष्टिकोण की मैं महान सचिन तेंदुलकर से तुलना करता हूं। ब्रुक के शुरुआती करियर के आंकड़े बताते हैं कि वह इस स्तर पर प्रभाव के मामले में भारत के मास्टर ब्लास्टर को भी पीछे छोड़ सकते थे।’ ब्रूक ने सितंबर 2022 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में इंग्लैंड के लिए डेब्यू किया था। तब से उन्होंने 24 मैचों में 58.48 की औसत से 2,281 रन बनाए हैं। ब्रूक ने दिसंबर 2024 में कुछ समय के लिए नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज रैंकिंग हासिल की थी।
शुरुआती 15 टेस्ट के बाद सचिन vs ब्रूक
ब्रूक के करियर के पहले 15 टेस्ट मैचों की तुलना करते हुए चैपल ने कहा कि तेंदुलकर ने 40 से कम की औसत से 837 रन बनाए थे, जिसमें दो शतक शामिल हैं। ब्रूक ने हालांकि 60 की औसत से 1,378 रन बनाए हैं जिसमें पांच शतक शामिल हैं। चैपल ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो सचिन तब भी किशोर थे, जबकि ब्रूक 20 साल के हैं।’
‘ब्रूक की तकनीक सरल, मगर प्रभावी’
चैपल ने ब्रूक के दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए इसे सरल लेकिन अत्यधिक प्रभावी बताया। उन्होंने कहा, ‘उनकी स्थिरता और तकनीक उन्हें गेंदबाज को पढ़ने और सटीकता के साथ अपने स्ट्रोक को खेलने की अनुमति देती है। परिणाम आप देख सकते हैं। उनके पास अधिकांश गेंदों पर स्कोर करने की एक असाधारण क्षमता। चाहे गेंंद किसी भी लेंथ पर हो। फुल लेंथ हो या शॉर्ट लेंथ या गुड लेंथ पर पिच की गई हो, ब्रूक हर गेंद पर शॉट खेल सकते हैं।’
‘फील्डर्स से खिलवाड़ करने में दोनों माहिर’
पूर्व कोच ने कहा कि तेंदुलकर और ब्रूक के बीच फील्डर्स से खिलवाड़ करने की क्षमताओं में समानता है। उन्होंने कहा, ‘तेंदुलकर की शुरुआती प्रतिभा गेंदबाज की गति का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करने की क्षमता में निहित थी, जो विकेट के दोनों ओर खूब रन बनाते थे। ब्रूक, हालांकि शारीरिक रूप से ज्यादा मजबूत खिलाड़ी हैं। वह कलाई का उपयोग, फ्लिक, क्रंचिंग ड्राइव और बैक-फुट शॉट्स को अच्छे से खेलने और फील्डर्स को भ्रमित करने की क्षमता है।’
‘ब्रूक के ईर्दगिर्द इंग्लिश टीम बन सकती है’
तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत नंबर छह और सात पर बल्लेबाजी से की थी। 1992 तक निचले मध्य क्रम में बल्लेबाजी करने के बाद उन्हें टेस्ट में नंबर चार का स्थान दिया गया। मौजूदा समय में ब्रूक क्रिकेट के शॉट्स के मामले में दुनिया के सबसे रोमांचक खिलाड़ियों में से एक हैं। जैसा कि चैपल ने कहा, ‘इंग्लैंड के लिए वह सिर्फ एक उज्ज्वल संभावना नहीं है, बल्कि वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके इर्द-गिर्द इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भविष्य बनाया जा सकता है।’

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