सिडनी, एजेंसी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुई एयर स्टाफ वार्ता में आधुनिक एयर कॉम्बैट टेक्नोलॉजी और मानव रहित लड़ाकू सिस्टम पर खास जोर दिया गया है। इस दौरान MQ-28 Ghost ड्रोन प्लेटफॉर्म भी चर्चा का प्रमुख विषय रहा। Boeing द्वारा विकसित MQ-28 Ghost को ऑस्ट्रेलिया की रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयरफोर्स के लिए तैयार किया गया है। यह एक Loyal Wingman या Collaborative Combat Aircraft (CCA) प्लेटफॉर्म है, जिसे लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है।
MQ-28 Ghost एक एडवांस मानव रहित कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जो युद्ध के दौरान फाइटर जेट्स को सपोर्ट करता है। यह दुश्मन की निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, टारगेट ट्रैकिंग और जोखिम वाले मिशन जैसे काम कर सकता है। MQ-28 घोस्ट बैट जैसे विमान ‘फोर्स मल्टीप्लायर’ का काम करते हैं। यह एक फाइटर जेट की ताकत को कई गुना बढ़ा देते हैं और युद्ध में जोखिम को कम करते हैं।
भारत के लिए क्यों है अहम?
भारत खुद भी अपना स्वदेशी ‘लॉयल विंगमैन’ (Warrior Drone) विकसित कर रहा है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के साथ MQ-28 जैसे एडवांस्ड प्लेटफॉर्म पर चर्चा करना भारत के लिए तकनीक साझा करने और संयुक्त ट्रेनिंग के नए रास्ते खोल सकता है। यह साझेदारी आने वाले समय में भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे आधुनिक सेनाओं की कतार में और मजबूती से खड़ा करेगी।
समारोह में कौन-कौन रहा शामिल
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्रालय ने इस मुलाकात की जानकारी देते हुए बताया कि ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना के डिप्टी चीफ, एयर वाइस-मार्शल स्टीवन पेस ने कैनबरा और ब्रिस्बेन में एयर वाइस-मार्शल संजीव तालियान की मेज़बानी की। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा, “वायु सेना के डिप्टी चीफ, एयर वाइस-मार्शल स्टीवन पेस (AM) ने हाल ही में कैनबरा और ब्रिस्बेन में IAF MCC के एयर वाइस-मार्शल संजीव तालियान की मेज़बानी की। इस दौरान, पेशेवर हवाई शक्ति पर बातचीत के जरिए ऑस्ट्रेलिया-भारत रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाया गया। ”
भारत-ऑस्ट्रेलिया एयर स्टाफ वार्ता में MQ-28 Ghost पर चर्चा, भविष्य की एयर कॉम्बैट टेक्नोलॉजी पर फोकस

