नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे का आज दूसरा दिन है। वे गुरुवार सुबह यरूशलम के होलोकॉस्ट मेमोरियल ‘याद वाशेम’ पहुंचे। यहां उन्होंने हिटलर के नाजी शासन में मारे गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद मोदी इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मिले। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान इसाक ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है, जो पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही है। वहीं पीएम मोदी ने कहा कि इजराइल के दिलों में भारतीयों के प्रति गहरा लगाव है।
मोदी थोड़ी देर में इजराइली PM नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक में रक्षा सहयोग, मिसाइल डिफेंस सिस्टम, साइबर सुरक्षा और एडवांस टेक्नोलॉजी के लेकर बातचीत होगी। दोनों देशों के बीच बड़ी डिफेंस डील हो सकती है।
मोदी बुधवार को दो दिन के इजराइल दौरे पर पहुंचे थे। नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने एयरपोर्ट पर मोदी को रिसीव किया था। इसके बाद पीएम मोदी ने इजराइली संसद नेसेट को भी संबोधित किया। उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ दिया गया। मोदी नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। पीएम मोदी और इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने होलोकॉस्ट मेमोरियल याद वाशेम में एक पौधा लगाया।
भारत पूरी दुनिया का ध्यान खींच रहा: इजराइली राष्ट्रपति
मोदी और इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के बीच बातचीत शुरू हो गई है। इसाक ने मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है, जो पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। उन्होंने कुशल भारतीय छात्रों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि वह चाहते है कि भारतीय छात्र इजराइल आए और पढ़ाई करे।
हिटलर के शासन में मारे गए यहूदियों की याद में बना ‘यद वाशेम’ स्मारक
याद वाशेम होलोकॉस्ट के दौरान मारे गए लाखों यहूदियों की याद में बनाया गया है। यह स्मारक इजराइल की राजधानी यरुशलम में स्थित है और हर साल दुनिया भर से लोग यहां आकर इतिहास को समझते हैं और श्रद्धांजलि देते हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर ने लगभग 60 लाख यहूदियों की हत्या कर दी थी। इस नरसंहार को होलोकॉस्ट कहा जाता है। इजराइल की संसद नेसेट ने साल 1953 में फैसला किया कि होलोकॉस्ट में मारे गए लोगों की याद में एक खास स्मारक बनाया जाए। बाद में 2005 में यहां एक आधुनिक संग्रहालय खोला गया, ताकि आने वाली पीढियां इस त्रासदी को समझ सकें। याद वाशेम परिसर में होलोकॉस्ट संग्रहालय, हॉल ऑफ नेम्स, बच्चों का स्मारक और राइटियस अमंग द नेशंस गार्डन जैसी जगहें मौजूद हैं। यहां असली दस्तावेज, तस्वीरें और पीडितों की व्यक्तिगत कहानियां सुरक्षित रखी गई हैं। याद वाशेम नाम का अर्थ है याद और नाम, यानी जिन लोगों को मिटाने की कोशिश की गई, उनकी याद हमेशा जिंदा रहे।
इजराइल के दिलों में भारत के प्रति गहरा लगाव: मोदी
मोदी बोले- इजराइल के दिलों में भारत और भारतीयों के प्रति गहरा लगाव है। भारत और इजराइल का संबंध मजबूती के साथ काम आ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत-इजराइल संबंधों का उपयोग कई क्षेत्रों में वैश्विक भलाई को मजबूत करने के लिए किया जा सकता है। चाहे वह साइंस, इनोवेशन, एजुकेशन या एग्रीकल्चर हों। कुछ ऐसे क्षेत्र जिनमें हमारी विशेषज्ञता है, इनमें भारत, इजराइल की अच्छी चीजों को लागू करने की कोशिश कर रहा है और इसके अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।

