अच्छी सेहत के लिए सिर्फ पानी पीना काफी नहीं है। बल्कि सही तरीके से पानी पीना भी जरूरी है। ऐसे में अक्सर ये सवाल रहता है कि पानी खड़े होकर पीना चाहिए या नहीं। कई लोगों को मानना है कि खड़े होकर पानी पीने से घुटनों में दर्द या कमजोरी की समस्या हो सकती है। लेकिन क्या इसमें कोई सच्चाई है या फिर सिर्फ मिथक है। जब हम इस विषय को वैज्ञानिक नजरिए से देखते हैं, तो तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है। आज के समय में जहां हर आदत को हेल्थ से जोड़कर देखा जाता है, वहीं पानी पीने का तरीका भी चर्चा का विषय बन चुका है। कुछ लोग मानते हैं कि खड़े होकर पानी पीने से शरीर पर दबाव पड़ता है और जोड़ों पर असर होता है, जबकि कुछ विशेषज्ञ इसे सिर्फ एक मिथक बताते हैं। ऐसे में यह जानना दिलचस्प हो जाता है कि क्या खड़े होकर पानी पीना क्या सच में घुटनों के लिए नुकसानदायक है या यह सिर्फ एक पारंपरिक मान्यता है। अगर आप भी इस सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए है। यहां हम एक्सपर्ट और रिसर्च के आधार जानेंगे कि इसकी क्या सच्चाई है।
क्या खड़े होकर पानी पीना घुटनों पर असर डालता है?
पबमेड की रिसर्च के मुताबिक, खड़े होकर पानी पीने का असर शरीर पर हो सकता है लेकिन घुटनों पर नहीं। इस रिसर्च में पानी पीने के बाद ब्लड प्रेशर और स्टेंडिंग रिस्पॉन्स को देखा गया। खड़े होकर पानी पीने से ब्लड सर्कुलेशन पर पर असर पड़ता है। लेकिन घुटनों या joints पर कोई नुकसान नहीं सामने आया है।
क्या कहती है स्टडी?
स्टडी बताती है कि पानी पानी शरीर के लिए जरूरी है। लेकिन कैसे पिया जा रहा है इसका कोई खास प्रभाव नहीं बताया गया है। हालांकि, पीएसी की रिपोर्ट बताती है कि कुछ लोगों को खड़े होकर पानी पीने दिया गया तो उनके शरीर में फ्ल्यूड मेजरमेंट में थोड़े बदवाव आए। लेकिन पैर या ज्वाइंट में कोई नुकसान नहीं पाया गया है। यानी कुल मिलाकर कहें तो रिसर्च बताती है कि खड़े होकर पानी पीने से घुटनों के दर्द या arthritis का कोई ताल्लुक नहीं है। अभी तक ऐसी कोई रिसर्च नहीं आई है कि खड़े होकर पानी पीने से घुटनों में पानी जमा हो जाता है।
एक्सपर्ट की राय भी जानें
दिल्ली के अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के आर्थोपेडिक्स एंड स्पाइन सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सक्षम मित्तल बताते हैं कि खड़े होकर पानी पीने से घुटने खराब हो जाते हैं, यह बात सच नहीं है, बल्कि सिर्फ एक मिथक है। पानी पीने का तरीका घुटनों पर सीधे असर नहीं डालता। शरीर की पाचन प्रक्रिया ऐसी होती है कि पानी किसी भी स्थिति में पेट तक सामान्य रूप से पहुंच जाता है। हालांकि, बैठकर और धीरे-धीरे पानी पीना एक अच्छी आदत मानी जाती है। इससे शरीर पानी को बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर पाता है और पेट से जुड़ी छोटी-मोटी दिक्कतों से भी बचाव होता है। खड़े होकर जल्दी-जल्दी पानी पीने से कुछ लोगों को गैस या भारीपन महसूस हो सकता है, लेकिन इसका घुटनों से कोई लेना-देना नहीं है। घुटनों की समस्या आमतौर पर ऑस्टियोआर्थराइटिस, बढ़ती उम्र, ज्यादा वजन या कम एक्सरसाइज की वजह से होती है। इसलिए इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है कि आप खड़े होकर पानी पीते हैं या बैठकर। बस ध्यान रखें कि दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
डिस्क्लेमर : सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से विशेषज्ञ राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें। आर्यावर्त क्रांति इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

