वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने आज जनरल उपेंद्र द्विवेदी का इंडिया हाउस में स्वागत किया। यह मुलाकात जनरल द्विवेदी के वॉशिंगटन डीसी में प्रस्तावित आधिकारिक कार्यक्रमों से पहले हुई।
अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि भारतीय नौसेना प्रमुख और वायुसेना प्रमुख की हालिया यात्राओं के बाद सेना प्रमुख का यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ रहे उच्चस्तरीय सैन्य आदान-प्रदान को आगे बढ़ाता है। दूतावास ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगी, जो व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का प्रमुख स्तंभ है, और मुक्त, खुले व समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाएगी।
इससे पहले 21 अप्रैल को जनरल द्विवेदी ने होनोलूलू में जनरल रोनाल्ड पी. क्लार्क और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। बैठक में भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को मजबूत करने तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के साझा विजन को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
द्विवेदी को मिला गार्ड ऑफ ऑनर का सम्मान
फोर्ट शाफ्टर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर पहुंचने पर जनरल द्विवेदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने ओहू द्वीप का हवाई दौरा किया, जहां उन्हें प्रशिक्षण व्यवस्था, सैन्य संरचना और मल्टी-डोमेन ऑपरेशनल तैयारियों की जानकारी दी गई। भारतीय सेना के अतिरिक्त जनसंपर्क महानिदेशालय (ADGPI) ने कहा कि सेना प्रमुख की यह यात्रा दोनों देशों के बीच सामरिक विश्वास और रक्षा सहयोग को नई दिशा देने
वाली है।
भारत और अमेरिकी वायुसेना प्रमुखों की हुई थी वार्ता
इस महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने वायुसेना प्रमुखों के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता में भी रणनीतिक रक्षा साझेदारी दोहराई थी। 8 अप्रैल को एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने अमेरिका का आधिकारिक दौरा किया था। इस दौरान उनका जॉइंट बेस एनाकोस्टिया-बोलिंग में पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ स्वागत किया गया। बाद में एयर चीफ मार्शल सिंह ने पेंटागन से ट्रॉय मिंक और जनरल केनेथ विल्सबैक में मुलाकात की। वार्ता के दौरान इंटरऑपरेबिलिटी, संयुक्त प्रशिक्षण, क्षेत्रीय प्रतिरोधक क्षमता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग पर जोर दिया गया।
अमेरिकी वायुसेना नेतृत्व ने कहा कि भारत के साथ रक्षा साझेदारी वॉशिंगटन की रणनीतिक प्राथमिकताओं में केंद्रीय स्थान रखती है। जनरल विल्सबाख ने बहुपक्षीय सैन्य अभ्यासों में भारत की सक्रिय भूमिका और नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सहयोग का विस्तार क्षेत्रीय सुरक्षा और संतुलन मजबूत करने में अहम होगा।
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