नई दिल्ली। पूर्व कानून मंत्री और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आयोग पर पश्चिम बंगाल में लोगों के वोट देने का अधिकार छीनने का आरोप लगाया। सिब्बल ने तंज कसते हुए पूछा कि अगर ऐसा ही करना है तो चुनाव कराने की जरूरत ही क्या है?
सिब्बल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पद्म भूषण मिलना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि चुनाव आयोग बंगाल में लोगों को मताधिकार से वंचित करने का प्रयोग कर रहा है।
इससे पहले बुधवार को सिब्बल ने आरोप लगाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त भाजपा को जिताने के लिए उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि ज्ञानेश कुमार राष्ट्रीय शर्म हैं और यह सुनिश्चित करना उनका पेशेगत धर्म है कि भाजपा ही विजयी हो।
सिब्बल ने बंगाल में भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों में ऐसे नियम नहीं अपनाए गए, जो बंगाल में लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके वोटर लिस्ट से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं।
सिब्बल के अनुसार, चुनाव आयोग अजीब तर्क दे रहा है। अगर किसी वोटर और उसके पिता की उम्र में 15 साल से कम या 50 साल से ज्यादा का अंतर है, तो उनके नाम लिस्ट से काटे जा रहे हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत बताया। सिब्बल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की बातें तर्कहीन हैं और यह शर्म की बात है कि कोई इस पर कुछ नहीं कर रहा।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान हो रहा है। इसमें उत्तर बंगाल की सभी 54 सीटें और मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम और हुगली के कुछ इलाके शामिल हैं। राज्य में दूसरे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होगा और नतीजों की घोषणा चार मई को की जाएगी।
कपिल सिब्बल का चुनाव आयोग पर हमला, बोले- बंगाल में हो रहा है मतदान का अधिकार छीनने का प्रयोग

