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29 Apr 2026, Wed

मेटा में 14 हजार कर्मचारियों की छुट्टी तय, खर्च नहीं एआई बनी वजह, जकरबर्ग का बड़ा दांव

फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसी लोकप्रिय सेवाएं चलाने वाली दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी मेटा एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी करने जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस बार कंपनी नुकसान में नहीं है और न ही सिर्फ खर्च कम करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा अपने कुल कर्मचारियों में से करीब 10 प्रतिशत यानी लगभग 8,000 लोगों को नौकरी से निकालने वाली है। इसके अलावा 6,000 नई नौकरियों को भरने का प्लान भी रोक दिया गया है। कुल मिलाकर 14 हजार नौकरियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब मेटा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (्रढ्ढ) पर भारी निवेश कर रही है और अपने पूरे बिजनेस मॉडल को बदल रही है।

मेटा के अंदर हो रहे इन बड़े बदलावों से साफ पता चलता है कि एआई अब सिर्फ एक तकनीक नहीं रह गया है, बल्कि यह काम करने के पूरे तरीके को ही बदल रहा है। कंपनी ऐसे एडवांस सिस्टम विकसित कर रही है जो इंसानों के कई काम खुद कर सकते हैं। कोडिंग, कंटेंट क्रिएशन और डेटा एनालिसिस जैसे जटिल काम अब एआई टूल्स तेजी से कर रहे हैं। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई भी हाल ही में यह मान चुके हैं कि उनकी कंपनी में 70 प्रतिशत तक कोडिंग एआई खुद कर रहा है। ऐसे में कोडर्स और सामान्य कर्मचारियों की नौकरियों पर तलवार लटकना लाजमी है और कइयों की छंटनी हो भी चुकी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, छंटनी के साथ-साथ मेटा 6,000 नई नौकरियों के रोल्स को भी फ्रीज कर रही है। इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी मौजूदा कर्मचारियों को तो निकाल ही रही है, बल्कि भविष्य में आने वाली नौकरियों के दरवाजे भी बंद कर रही है। मार्क जुकरबर्ग स्पष्ट कर चुके हैं कि आने वाले समय में एआई कई काम खुद करने में सक्षम होगा। कंपनी अब ज्यादा इंसानों को काम पर रखने के बजाय ज्यादा मशीनों और एआई सिस्टम्स पर भारी भरोसा जता रही है। यह संकट सिर्फ मेटा तक सीमित नहीं है। माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और ओरेकल जैसी दूसरी दिग्गज टेक कंपनियां भी इसी राह पर चल पड़ी हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 की शुरुआत में ही टेक इंडस्ट्री में हजारों नौकरियां खत्म हो गई हैं और इनमें से करीब 25 प्रतिशत मामलों में एआई एक बहुत बड़ा कारण रहा है। एक अनुमान के अनुसार, इस साल दुनिया भर में टेक कंपनियों ने एआई की वजह से 70 हजार से ज्यादा लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया है।

मेटा का यह मामला इसलिए भी बड़ा है क्योंकि कंपनी 2026 में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी रकम निवेश करने जा रही है, ताकि भविष्य के ज्यादातर काम मशीनें कर सकें। यानी कंपनी साफ तौर पर इंसानों से ज्यादा एआई पर दांव लगा रही है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि एआई सिर्फ नौकरियां खत्म कर रहा है। सच्चाई यह है कि जहां एक तरफ सामान्य ऑफिस जॉब्स खतरे में हैं, वहीं एआई नई संभावनाएं भी पैदा कर रहा है। मेटा खुद एआई इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और मशीन लर्निंग एक्सपर्ट जैसे उच्च कौशल वाले पदों पर तेजी से भर्तियां कर रही है। साल 2022 से लगातार छंटनी कर रही मेटा का असली लक्ष्य अब सिर्फ सोशल मीडिया कंपनी बने रहना नहीं, बल्कि एक पूरी तरह से एआई-फोकस्ड कंपनी बनना है।

By Aryavartkranti Bureau

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