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25 Mar 2026, Wed

सीजेआई ने सुनाया फैसला तो व्यक्ति ने उनके भाई को मिला दिया फोन, जस्टिस सूर्यकांत बोले- हिम्मत कैसे हुई…

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्याकांत ने बुधवार को एक याचिका पर सुनवाई के दौरान एक व्यक्ति को कड़ी फटकार लगाई। दरअसल व्यक्ति के उनके (सीजेआई के) भाई को फोन कर एक मामले में पारित आदेश के बारे में बात की थी।
सीजेआई ने कहा कि ऐसे कामों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीजेआई ने फोन करने वाले व्यक्ति के वकील से कहा कि आपके मुवक्किल के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों नहीं होनी चाहिए? लाइव लॉ की खबर के अनुसार मामला हरियाणा के दो जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों का है, जिन्होंने बौद्ध अल्पसंख्यक कोटे के तहत उत्तर प्रदेश के सुभारती मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिला पाने के लिए बौद्ध धर्म अपनाया था।
उन्होंने सब-डिविजनल ऑफिसर द्वारा जारी अल्पसंख्यक प्रमाण-पत्र पेश किए थे। जनवरी 2026 में CJI सूर्या कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इन मतांतरण की सच्चाई पर गंभीर संदेह जताया था।
इस मामल में सीजेआई ने कहा कि यह दाखिले के लिए एक चाल हो सकती है। अदालत ने इन प्रमाण-पत्रों की जांच का आदेश दिया था। याचिकाकर्ता ‘पुनिया’ जाति से हैं। मामले की सुनवाई के दौरान जब याचिका दोबारा सूचीबद्ध हुई, तब सीजेआई ने याचिकाकर्ताओं के वकील से कहा, ‘आपके मुवक्किल के पिता ने क्या किया है, क्या आपको पता है?
सीजेआई ने ऐसे व्यवहार पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी
सीजेआई सूर्या कांत ने आगे कहा, ‘आप जांच करें और फिर केस खुद ही वापस ले लें अगर मुवक्किल गलत कर रहा है। मैं ऐसे लोगों से कैसे निपटना है जानता हूं।

By Aryavartkranti Bureau

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