पारामरिबो (सूरीनाम), एजेंसी। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर बुधवार को सूरीनाम पहुंचे, जहां उनकी वहां के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता होने वाली है। तीन कैरिबियाई देशों की यात्रा के दूसरे चरण में उन्होंने अपने समकक्ष मेल्विन बुवा से मुलाकात की, जिन्होंने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
जयशंकर ने कहा कि वह पहली बार पारामारीबो (सूरीनाम की राजधानी) पहुंचे हैं और बातचीत को लेकर उत्साहित हैं। इस दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और सूरीनाम के बीच खास संबंध हैं, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में गिरमिटिया समुदाय के लोग रहते हैं। ये वे भारतीय मजदूर थे जो 19वीं सदी में अनुबंध के तहत विदेश में काम करने गए थे और बाद में वहीं बस गए। इस यात्रा के बाद जयशंकर त्रिनिदाद और टोबैगो भी जाएंगे। इससे पहले वह जमैका का दौरा कर चुके हैं, जहां कई अहम समझौते हुए और सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हुई।
जमैका दौरे के दौरान किए कई समझौते
भारत ने जमैका को स्वास्थ्य और आपदा राहत के तहत डायलिसिस यूनिट, मछली पकड़ने वाली नावें और जीपीएस उपकरण देने का निर्णय लिया है। यह सहायता पिछले साल आए तूफान के बाद पुनर्निर्माण में मदद के लिए दी जा रही है।
इन क्षेत्रों में सहयोग करने पर जताई सहमति
जयशंकर ने जमैका में कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए और दोनों देशों ने डिजिटल, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सीट के लिए जमैका के समर्थन और आतंकवाद के खिलाफ रुख पर एकुजटता की सराहना की। इस दौरान उन्होंने प्रवासी भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की और वहां के विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
जमैका के बाद सूरीनाम पहुंचे जयशंकर, पारामारीबो में हवाई अड्डे पर हुआ गर्मजोशी से स्वागत

