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18 Apr 2026, Sat

धोखे से लागू करना चाहते हैं आरक्षण, शाह का पलटवार- आपका बस चले तो घरों की भी जाति तय कर दें

नई दिल्ली, एजेंसी। महिला आरक्षण विधेयक और प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को लेकर संसद में सियासी टकराव तेज हो गया है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। गुरुवार से शुरू हुए संसद के विस्तारित सत्र में इस पर जोरदार बहस देखने को मिल रही है। सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा कि महिला विधेयक के पक्ष में हैं हम। आपको जल्दीबाजी क्यों है? आप जनगणना क्यों नहीं कराना चाहते? सेंसस ये इसलिए नहीं करना चाहते हैं कि जैसे ही जनगणना होगी, हम सब लोग जाति गणना मांगेंगे, जाति की गिनती के बाद हम आरक्षण मांगेंगे। इसलिए धोखा देकर लाना चाहते हैं।
सपा का बस चले तो घरों की जाती तय कर दे- शाह
वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं देश की जनता को बताना चाहता हूं कि देश में जनगणना का काम जारी है। सरकार जाति गणना का निर्णय भी ले चुकी है… अभी घरों की गिनती हो रही है। घरों की कोई जाति नहीं होती। समाजवादी पार्टी की चले तो घरों की भी जाति तय कर दे। जब नागरिकों की जनगणना होगी तब उसमें जाति का कॉलम रखा है। ये मेरा विभाग है। मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये जनगणना जाति के साथ ही होने वाली है।
तीन विधेयक हुए पेश
लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े तीन विधेयक पेश किए गए, जिनको लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इन प्रस्तावित विधेयकों को असंवैधानिक करार देते हुए कड़ा विरोध जताया। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और अमित ने ये विधेयक पेश किए।

कानून मंत्री मेघवाल ने की बहस की शुरुआत
चर्चा की शुरुआत से ठीक पहले वोटिंग को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आज और कल मिलाकर 12 घंटे चर्चा का समय तय किया गया है। सरकार सुनने और जवाब देने को तैयार है। वोटिंग के बारे में स्पीकर फैसला करें। फिर स्पीकर ओम बिरला ने तीनों बिल को लेकर कहा कि कल शाम 4 बजे इस बिल पर मतदान कराया जाएगा। सदन में बिल पर चर्चा शुरू हो गई है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जाएगा। आज ऐतिहासिक फैसला को लागू करने का समय आ गया है।उन्होंने कहा, “पीएम मोदी ने महिलाओं के विकास के लिए हमेशा काम किया है। हमारे पास नियत और नीति दोनों है और मोदी जैसे नेता भी है। लोकहित में तीनों बिल बहुत जरूरी हैं।”

सोनिया गांधी ने कहा- पार्टी स्पष्ट कर चुकी है, कुछ कहना बाकी नहीं
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक और प्रस्तावित परिसीमन बिल को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर चुकी है, मुझे इसमें कुछ और जोड़ना नहीं है। लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े तीन विधेयक पेश किए गए, जिनको लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इन प्रस्तावित विधेयकों को असंवैधानिक करार देते हुए कड़ा विरोध जताया। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और अमित ने ये विधेयक पेश किए।

विपक्ष परिसीमन बिल का एकजुट होकर करेगा विरोध- खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष परिसीमन बिल का एकजुट होकर विरोध करेगा खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि विपक्ष संसद को खराब परिसीमन विधेयकों के जरिए हाईजैक नहीं होने देगा और लोकतंत्र पर इस हमले के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेगा।

क्या है यह विधेयक?
प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले परिसीमन के बाद लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक की जा सकती है, ताकि महिला आरक्षण को लागू किया जा सके। इसके साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी 33 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सीटों में बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है। विधेयक में यह भी कहा गया है कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर तय की जाएंगी। इस बीच, कई विपक्षी दलों ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे परिसीमन से जुड़े प्रावधानों का संयुक्त रूप से विरोध करेंगे, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे विधायी निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने के खिलाफ नहीं हैं।

By Aryavartkranti Bureau

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