कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल के बीरभूम में गृहमंत्री अमित शाह ने एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने टीएमसी पर कड़ा प्रहार किया। शाह ने कहा बंगाल में पांच मई को भाजपा की सरकार बनने वाली है। मैं पूरे बंगाल में घूमता हुआ बीरभूम आया हूं। दीदी को टाटा-बाय-बाय कहने का निर्णय बंगाल की जनता ने ले लिया है। शाह ने कहा कि इस बार बीरभूम को एक रिकॉर्ड बनाना है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सभी 11 सीटें भाजपा को दें और राज्य में भाजपा सरकार बनाएं।
ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, दीदी, आपके गुंडों के बम धमाकों से बंगाल की जनता अब नहीं डरेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल की जनता बम का जवाब बैलेट से देगी और भय का जवाब भरोसे से देगी। उन्होंने लोगों से कहा कि आप बैलेट मशीन पर कमल का निशान दबाइए, ममता के सारे गुंडों को ढूंढने का काम भाजपा की सरकार करेगी। गृहमंत्री ने कटमनी और सिंडिकेट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जनता इससे बहुत परेशान है। अगर किसी गरीब को घर बनाने के लिए ईंट या सीमेंट लाना है, तो ममता के सिंडिकेट वाले पैसे मांगते हैं। शाह ने वादा किया कि आप ममता को यहां से निकाल दो, कटमनी और सिंडिकेट वालों को उल्टा लटकाकर सीधा करने का काम भाजपा की सरकार करेगी।
शाह ने टीएमसी को दी चेतावनी
अमित शाह ने कहा कि बंगाल में चार मई के बाद डबल इंजन सरकार बनने वाली है। इसके साथ ही बंगाल के अंदर विकास का नया दौर शुरू होने वाला है। उन्होंने टीएमसी पर हमला करते हुए कहा कि इस पार्टी ने मयूरेश्वर को बम और बारूद की खदान बना दिया है। शाह ने आरोप लगाया कि 2013 से लेकर 2021 तक भाजपा कार्यकर्ताओं को बहुत परेशान किया गया है। उन्होंने टीएमसी के गुंडों को सख्त चेतावनी दी। शाह ने कहा, मैं आज टीएमसी के गुंडों को कहकर जाता हूं कि 23 अप्रैल को अपने घर में बंद रहना, वरना पांच मई को चुन-चुनकर जेल की सलाखों के पीछे डालने का काम हम करेंगे। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि 23 अप्रैल को ममता दीदी का कोई भी गुंडा उनका बाल भी बांका नहीं कर पाएगा।
गृहमंत्री ने जनता से किया वादा
शाह ने सुरक्षा व्यवस्था पर जानकारी देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने यहां 800 से ज्यादा कंपनियां भेजी हैं। शांतिपूर्ण मतदान के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं, इसलिए किसी भी नागरिक को डरने की जरूरत नहीं है। अमित शाह ने कहा कि यह चुनाव घुसपैठियों को बाहर निकालने का चुनाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता दीदी और भतीजा उनको नहीं निकाल सकते। वे तो बीएसएफ को बाड़ लगाने के लिए जमीन भी नहीं देते हैं। शाह ने वादा किया कि भाजपा सरकार बनते ही 45 दिन के अंदर बंगाल की पूरी सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन दे दी जाएगी।
घुसपैठियों पर कही ये बात
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा न केवल बंगाल, बल्कि पूरे देश से चुन-चुनकर घुसपैठियों को बाहर निकालेगी। महिलाओं की सुरक्षा पर बात करते हुए शाह ने कहा कि ममता दीदी कहती हैं कि महिलाओं को शाम सात बजे के बाद बाहर नहीं निकलना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बनने पर ऐसा बंगाल बनेगा, जहां रात एक बजे भी छोटी बच्ची स्कूटी पर सुरक्षित निकल सकेगी। शाह ने कहा भाजपा के शासन में संदेशखाली, आरजी कर, दुर्गापुर लॉ कॉलेज या साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज जैसी घटनाएं फिर कभी नहीं होंगी। अमित शाह ने आगे कहा भाजपा ने तय किया है कि पार्टी राज्य में समान नागरिक संहिता कानून (यूसीसी) लाएगी। और भाजपा सरकार हर सरकारी कर्मचारी को सातवां वेतन आयोग देगी।
बंगाल में गृह मंत्री करेंगे पांच बड़े कार्यक्रम
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज सोमवार को राज्य में पांच बड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। अमित शाह सबसे पहले बीरभूम जिले में दो जनसभाओं को संबोधित करेंगे। पहली सभा दोपहर सैंथिया में होगी। इसके बाद वह दोपहर एक बजकर 15 मिनट खैरासोल में दूसरी सभा करेंगे। दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर वह पश्चिम बर्धमान जिले के रानीगंज में एक और जनसभा को संबोधित करेंगे। शाम चार बजे वह दुर्गापुर के स्टील सिटी में एक भव्य रोडशो करेंगे। उनके दिन का आखिरी कार्यक्रम रात आठ बजे दुर्गापुर में होगा। यहां वह एक सांगठनिक बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
टीएमसी भी झोक रही पूरी ताकत
दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी आज चुनाव प्रचार में जुटी हैं। वह बीरभूम के सूरी, पूर्व बर्धमान के औसग्राम और दुर्गापुर में तीन जनसभाएं करेंगी। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी भी पीछे नहीं हैं। वह नदिया जिले के करीमपुर और राणाघाट में रैलियां करेंगे। इसके बाद वह उत्तर 24 परगना के बादुरिया में भी एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
चुनाव प्रचार के बीच सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई आज
अमित शाह के इन कार्यक्रमों के बीच आज सुप्रीम कोर्ट में एक जरूरी सुनवाई भी होनी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच यह तय करेगी कि क्या 27 लाख लोग वोट डाल पाएंगे या नहीं। इन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। अब कोर्ट को फैसला करना है कि क्या ये लोग 23 और 29 अप्रैल को होने वाले चुनाव में मतदान कर सकेंगे। चुनाव आयोग ने बंगाल की वोटर लिस्ट को पहले ही फ्रीज कर दिया है। कानूनी तौर पर अब इसमें कोई नया नाम नहीं जुड़ सकता। केवल सुप्रीम कोर्ट ही इस मामले में कोई विशेष निर्देश दे सकता है। मामले पर सुनवाई दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी।

