ओटावा, एजेंसी। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नई रणनीति पर जोर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अब सिर्फ अमेरिका पर निर्भर रहना कनाडा की ताकत नहीं, बल्कि कमजोरी बन गया है, और इससे बाहर निकलने के लिए दुनिया के अन्य देशों के साथ व्यापार बढ़ाना जरूरी है।
‘अमेरिका ने अपने व्यापारिक रवैये में किया बदलाव’
ओटावा से जारी एक वीडियो संदेश में कार्नी ने बताया कि अमेरिका ने अपने व्यापारिक रवैये में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में टैरिफ (आयात शुल्क) को इतना बढ़ा दिया गया है, जैसा कि पहले केवल महामंदी के समय देखा गया था। इन भारी शुल्कों का सीधा असर कनाडा के ऑटोमोबाइल, स्टील और लकड़ी (लंबर) उद्योग पर पड़ा है।
अमेरिका ने कनाडा के कई उत्पादों पर लगाए हैं टैरिफ
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की शुरुआत से ही अमेरिका ने कनाडा से आने वाले कई उत्पादों पर कड़े टैरिफ लगाए हुए हैं। कुछ सामानों पर 25% तक और स्टील व एल्युमिनियम पर 50% तक टैक्स लगाया गया है। इससे दोनों देशों के बीच सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है और कनाडा पर नए व्यापारिक विकल्प तलाशने का दबाव बढ़ गया है। कार्नी ने बताया कि उनकी सरकार पिछले एक साल में चार महाद्वीपों में 20 नए व्यापार समझौते कर चुकी है। अब सरकार का फोकस विदेशी निवेश बढ़ाने, देश के अंदर राज्यों के बीच व्यापार नियम आसान बनाने और स्वच्छ ऊर्जा (क्लीन एनर्जी) क्षमता को दोगुना करने पर है, ताकि बाहरी झटकों का असर कम हो सके। उन्होंने कहा,’ उम्मीद कोई योजना नहीं होती और पुरानी यादों के सहारे रणनीति नहीं बनाई जा सकती।’ यानी कनाडा अब पुराने अमेरिका-केंद्रित मॉडल पर वापस लौटने का इंतजार नहीं करेगा, बल्कि नई दिशा में आगे बढ़ेगा। कार्नी ने यह भी माना कि अमेरिकी टैरिफ का असर वहां के ऑटो और स्टील सेक्टर के कामगारों पर पड़ा है। अनिश्चित माहौल के कारण कंपनियां निवेश करने से बच रही हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान से भी कनाडा में नाराजगी है, जिसमें उन्होंने कनाडा को अमेरिका का ’51वां राज्य’ बनाने की बात कही थी। इस बयान ने दोनों देशों के रिश्तों में और तनाव बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री कार्नी ने भरोसा दिलाया कि सरकार समय-समय पर जनता को इस नई आर्थिक रणनीति की जानकारी देती रहेगी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था में इतने बड़े बदलाव में समय लगेगा।

