वॉशिंगटन/तेहरान।अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है। ईरान ने मंगलवार को कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर एक बार हमला किया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने हमले में कम से कम 3 ड्रोन का इस्तेमाल किया है। इराक के बसरा प्रांत में भी जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। बसरा प्रांत की सीमाएं ईरान और कुवैत से लगती हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अंतिम चेतावनी दी है।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, मुझे लगता है कि शायद हमें कुछ हासिल हो जाएगा, लेकिन मैं उन्हें पूरी तरह से खत्म करने से पहले हर आखिरी मौका देना चाहता हूं। सैन्य योजनाएं अभी भी लागू हैं। ऐसा करना बहुत मुश्किल है, लेकिन हमारे पास योजनाएं हैं। वे अभी भी योजना के दायरे में हैं…उम्मीद है कि वे अपनी गलती मान लेंगे।
उन्होंने कहा कि अभी ईरान के साथ बातचीत चल रही है।
उन्होंने आगे कहा, हम इस समय ईरान के अनुरोध पर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के समर्थन से (ईरान के साथ) बातचीत कर रहे हैं, हालांकि अन्य देशों का भी समर्थन है। कई देशों ने संपर्क किया है, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो उनके पास एक अच्छा दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने का यह आखिरी मौका है।
हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वार्ता कहां हो रही थी और इसमें कौन-कौन अधिकारी शामिल थे।
ट्रंप के बयान से पहले ईरान किसी तरह की कोई बातचीत से इनकार कर चुका है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है और आने वाले दिनों में कोई बैठक तय नहीं है।
उन्होंने कहा कि चल रही एकमात्र चर्चा ओमान से संबंधित है और होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन तक ही सीमित है।
बगाई के बयान के बाद ट्रंप ने इसे ईरान के नेताओं का दोहरापन बताया था।

