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7 Aug 2026, Fri

उत्तर प्रदेश के लिए बनेगी नई युवा नीति, युवाओं की राय से तय होगा रोडमैप; राज्य युवा आयोग के गठन पर भी मंथन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं के समग्र विकास के लिए नई एकीकृत युवा नीति तैयार करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नीति युवाओं की बदलती आकांक्षाओं, जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाई जाए। साथ ही युवाओं से जुड़ी योजनाओं की निगरानी, मूल्यांकन और सुझाव देने के लिए विशेषज्ञों की भागीदारी वाले स्वतंत्र राज्य युवा आयोग के गठन की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि नई युवा नीति तैयार करने से पहले 16 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं को समझना जरूरी है। इसके लिए विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, शोधार्थियों, स्टार्टअप उद्यमियों, युवा पेशेवरों और विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं से सुझाव लिए जाएंगे। आम नागरिकों से भी सार्वजनिक माध्यमों के जरिए सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे, ताकि नीति जमीनी जरूरतों और भविष्य की मांगों के अनुरूप तैयार हो सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं के लिए संचालित सभी सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रत्येक पात्र युवा तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।

नीति में शामिल होंगे रोजगार से लेकर डिजिटल सशक्तीकरण तक के विषय

प्रस्तावित युवा नीति में शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार, डिजिटल सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, खेल, नेतृत्व विकास, संस्कृति और विरासत जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए युवाओं को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित करना समय की मांग है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, ड्रोन, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरती तकनीकों में कौशल विकास कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रत्येक जिले में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने, युवा उद्यमिता केंद्र स्थापित करने, स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर जोर दिया। साथ ही युवाओं के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए, जहां करियर मार्गदर्शन, छात्रवृत्ति, रोजगार मेले और अन्य आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हों।

अभ्युदय योजना के विस्तार और खेल सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल औद्योगिक एवं रोजगार क्षेत्र की स्थापना का कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना को और अधिक प्रभावी बनाने तथा इसका विस्तार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों तक करने की संभावनाएं तलाशने को कहा। साथ ही युवा आईएएस, आईपीएस अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।

युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए खेल गतिविधियों को प्रभावी माध्यम बताते हुए मुख्यमंत्री ने हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, प्रत्येक विकास खंड में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, हर जिले में खेल उत्कृष्टता केंद्र और प्रत्येक मंडल में हाई परफॉर्मेंस सेंटर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विधायक निधि से इनडोर स्टेडियम निर्माण की पहल को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।

इसके अलावा आधुनिक पुस्तकालयों, अध्ययन केंद्रों और रीडिंग स्पेस के विस्तार पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी युवा नीति तैयार करना चाहती है, जो प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर, नवाचारी, कुशल और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाए तथा विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे।

By Aryavartkranti Bureau

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