लेटेस्ट न्यूज़
8 Aug 2026, Sat

सिरदर्द में चाय या कॉफी पीनी चाहिए या नहीं? जानिए कब मिल सकती है राहत और कब बढ़ सकती है परेशानी

आजकल सिरदर्द एक आम समस्या बन गया है। तनाव, नींद की कमी, शरीर में पानी की कमी, लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन देखना और अनियमित खान-पान इसके कई कारण हो सकते हैं। सिरदर्द होते ही कुछ लोग चाय या कॉफी पीना पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे दर्द में राहत मिल सकती है। वहीं, कुछ लोगों में कैफीन लेने के बाद सिरदर्द और बढ़ जाता है। ऐसे में सवाल है कि सिरदर्द होने पर चाय या कॉफी पीना सही है या नहीं?

कुछ लोगों को कैफीन से मिल सकती है राहत

चाय और कॉफी में कैफीन पाया जाता है। कुछ लोगों में कैफीन सिरदर्द या माइग्रेन के दौरान राहत देने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि कुछ दर्द निवारक दवाओं में भी कैफीन का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता।

अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से ज्यादा मात्रा में चाय या कॉफी पीता है, तो कैफीन का अधिक सेवन सिरदर्द की समस्या को बढ़ा सकता है। वहीं, रोजाना कैफीन लेने वाला व्यक्ति अगर अचानक चाय या कॉफी पूरी तरह बंद कर दे, तो कैफीन विदड्रॉल के कारण भी सिरदर्द हो सकता है।

इसलिए सिरदर्द के दौरान चाय या कॉफी पीने का फैसला व्यक्ति की रोजाना की कैफीन की आदत और शरीर की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखकर करना चाहिए। अगर कैफीन लेने के बाद बार-बार सिरदर्द बढ़ता है, तो इसकी मात्रा कम करना और डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

सिरदर्द में राहत के लिए क्या करें?

सिरदर्द होने पर सबसे पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और कुछ समय आराम करें। अगर नींद पूरी नहीं हुई है, तो पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें। लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन देखने से बचें।

अगर तेज रोशनी या शोर से सिरदर्द बढ़ रहा है, तो कुछ समय शांत और कम रोशनी वाली जगह पर आराम करना मददगार हो सकता है। इसके अलावा, समय पर खाना खाएं और लंबे समय तक खाली पेट रहने से बचें।

अगर सिरदर्द बार-बार होता है या बहुत ज्यादा तेज है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार दर्द की दवा लेने से बचें। बार-बार होने वाले सिरदर्द का सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

कुछ स्थितियों में सिरदर्द गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। अगर अचानक बहुत तेज सिरदर्द शुरू हो जाए या सिरदर्द के साथ तेज बुखार, गर्दन में अकड़न, बार-बार उल्टी, बेहोशी, बोलने में परेशानी, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या देखने में दिक्कत हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

इसके अलावा, अगर सिरदर्द लगातार बढ़ रहा है, बार-बार हो रहा है या दवा लेने के बावजूद ठीक नहीं हो रहा, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

डिसक्लेमर: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

By Aryavartkranti Bureau

आर्यावर्तक्रांति दैनिक हिंदी समाचार निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सेवा, शिक्षा और कल्याण के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने की प्रेरणा और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।