लखनऊ, एजेंसी। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में लगातार हुए हंगामे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के विरोध और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई, जिससे प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा नहीं हो सकी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा लोकतांत्रिक व्यवस्था का सर्वोच्च मंच है, जहां जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। लेकिन विपक्ष के रवैये के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और लोकतांत्रिक परंपराओं की गरिमा प्रभावित हुई।
59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सरकार ने 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत किया था। उनके अनुसार, इस बजट में युवाओं के रोजगार और कौशल विकास, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन तथा गरीबों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रावधान किए गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार इन प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा चाहती थी, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।
सपा पर जनहित की चर्चा रोकने का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक विरोध के चलते रोजगार, कृषि, महिला सशक्तिकरण और गरीबों के कल्याण जैसे मुद्दों पर भी सदन में चर्चा नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ बहस और संवाद आवश्यक है, लेकिन लगातार व्यवधान उत्पन्न करना उचित नहीं है।
विपक्ष के रवैये को बताया असंवैधानिक
सीएम योगी ने कहा कि सदन में लगातार हंगामा करना लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने विपक्ष के व्यवहार को किसान, युवा, महिला और गरीब हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि जनता इस पूरे घटनाक्रम को देख रही है।

